TRAPPIST-1 g पर गुरुत्वाकर्षण कितना मजबूत है?
सातों ग्रहों में TRAPPIST-1 g की त्रिज्या सबसे बड़ी है, लेकिन उसका द्रव्यमान सबसे अधिक नहीं है। इसकी त्रिज्या पृथ्वी की लगभग 1.129 गुना और द्रव्यमान लगभग 1.321 गुना है। तारे के सबसे पास वाला ग्रह b, g से थोड़ा अधिक भारी है। g के द्रव्यमान और त्रिज्या से निकाली गई सतही गुरुत्वाकर्षण शक्ति पृथ्वी की लगभग 1.04 गुना है। केवल आकार देखकर सतही गुरुत्वाकर्षण या वायुमंडल के टिके रहने की संभावना नहीं बताई जा सकती।
- लगभग 12.35 दिन तारे की एक परिक्रमा पूरी करने का समय
- पृथ्वी की लगभग 1.129 गुना त्रिज्या सातों ग्रहों में सबसे बड़ी त्रिज्या
- पृथ्वी के लगभग 1.321 गुना द्रव्यमान पारगमन के समय में बदलाव से निकाला गया द्रव्यमान
- पृथ्वी की लगभग 1.04 गुना द्रव्यमान और त्रिज्या से निकाली गई सतही गुरुत्वाकर्षण शक्ति
ग्रह का आकार और सतही गुरुत्वाकर्षण कैसे जुड़े हैं?
ग्रह जब अपने तारे के सामने से गुजरता है, तब रोकी गई तारों की रोशनी से उसकी त्रिज्या निकाली जाती है। सातों ग्रह एक-दूसरे को खींचकर उनके पारगमन समय में जो बदलाव लाते हैं, उससे द्रव्यमान निकाला जाता है। 2021 के एक अध्ययन में g का द्रव्यमान पृथ्वी का 1.321±0.038 गुना और b का 1.374±0.069 गुना पाया गया। इसलिए त्रिज्या के हिसाब से g सातों में सबसे बड़ा है, पर b से थोड़ा हल्का है।
द्रव्यमान बढ़ने पर सतही गुरुत्वाकर्षण मजबूत होता है, जबकि त्रिज्या बढ़ने पर वह कमजोर पड़ता है। यदि किसी ग्रह का द्रव्यमान और आकार दोनों बढ़ें, तो उसकी सतही गुरुत्वाकर्षण शक्ति में बहुत कम बदलाव हो सकता है। g पर यह पृथ्वी की लगभग 1.04 गुना है। उसके गुरुत्वाकर्षण से पूरी तरह बाहर निकलने के लिए जरूरी पलायन वेग लगभग 12.1 किमी प्रति सेकंड निकाला गया है। ये दोनों मान सतह पर मापे नहीं गए, बल्कि द्रव्यमान और त्रिज्या से निकाले गए हैं।
NASA द्वारा g को “सुपर-अर्थ” कहना भी आकार और द्रव्यमान पर आधारित वर्गीकरण है। इसका अर्थ पृथ्वी से बड़ा चट्टानी प्रकार का ग्रह है, न कि पृथ्वी जैसी जमीन, समुद्र या हवा वाला संसार। लगभग 5.07 ग्राम प्रति घन सेंटीमीटर का औसत घनत्व बताता है कि इसमें मुख्य रूप से चट्टान होने की संभावना है, लेकिन इससे उसके केंद्र का आकार या पानी की मात्रा तय नहीं होती।
सातों ग्रहों में g की त्रिज्या सबसे बड़ी है। फिर भी इसकी सतही गुरुत्वाकर्षण शक्ति लगभग पृथ्वी जैसी है और वहाँ वायुमंडल होने की पुष्टि नहीं हुई है।
कैसे पता चलेगा कि वायुमंडल बचा है?
पलायन वेग वह गति है जिसकी जरूरत किसी वस्तु को ग्रह के गुरुत्वाकर्षण से पूरी तरह बाहर निकलने के लिए होती है। लेकिन केवल यही संख्या तय नहीं करती कि वायुमंडल कितने समय तक टिकेगा। गैस के अणुओं का भार, ऊपरी वायुमंडल का तापमान, तारे से आने वाली पराबैंगनी और एक्स-रे किरणें व कण, ग्रह का चुंबकीय क्षेत्र और उसके भीतर से निकलने वाली नई गैसें—सभी का असर पड़ता है।
g का पलायन वेग पृथ्वी से थोड़ा अधिक है। इसका मतलब है कि यदि बाकी सभी स्थितियाँ समान हों, तो वहाँ से गैस का निकलना अधिक कठिन होगा। लेकिन स्थितियाँ समान नहीं हैं: TRAPPIST-1 एक लाल बौना तारा है, जिस पर बार-बार शक्तिशाली विस्फोट होते हैं। अभी यह भी नहीं मापा गया है कि g का कोई चुंबकीय क्षेत्र है या उसके भीतर से लगातार नई गैस निकलती है।
Hubble के अवलोकनों से पता चला कि d, e और f पर हाइड्रोजन से भरपूर, घने और साफ वायुमंडल नहीं हैं। लेकिन g के आँकड़े इसी निष्कर्ष तक पहुँचने के लिए पर्याप्त सटीक नहीं थे। इसका अर्थ यह नहीं कि g पर हाइड्रोजन का वायुमंडल मिल गया था। उन अवलोकनों से बस यह तय नहीं हो सका कि ऐसा वायुमंडल मौजूद है या नहीं।
तरल पानी के लिए कैसा वायुमंडल चाहिए?
g अपने तारे से लगभग 70 लाख किमी दूर है और उसे पृथ्वी पर सूर्य से मिलने वाली ऊर्जा का लगभग 26 प्रतिशत मिलता है। वह रहने योग्य क्षेत्र के बाहरी हिस्से की ओर है, लेकिन केवल उसकी कक्षा देखकर यह नहीं कहा जा सकता कि वहाँ तरल पानी है। यदि वायुमंडल लगभग न हो, तो सतह का अधिकतर भाग जम सकता है और तारे की ओर रहने वाले हिस्से व अँधेरे हिस्से के तापमान में बहुत बड़ा अंतर हो सकता है।
त्रि-आयामी जलवायु अध्ययनों ने ऐसी स्थितियों की गणना की है जिनमें पर्याप्त कार्बन डाइऑक्साइड जमा होकर ग्रीनहाउस प्रभाव पैदा करे और सतह के कुछ भाग पर तरल पानी रहने दे। आवश्यक दबाव पृथ्वी के समुद्र-तल के वायुदाब से कई गुना से लेकर कई दसियों गुना तक बदला। परिणाम इस बात पर निर्भर था कि बादलों, सतह की प्रकाश परावर्तन क्षमता, नाइट्रोजन की मात्रा और दिन की गर्मी को रात की ओर ले जाने की क्षमता के बारे में क्या माना गया। ये जलवायु मॉडल की शर्तें हैं, g पर मापा गया वायुदाब नहीं।
यदि g का एक ही हिस्सा हमेशा तारे की ओर रहता है, तो वायुमंडल की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। पर्याप्त वायुमंडल रोशनी वाले हिस्से की गर्मी को अँधेरे हिस्से तक पहुँचा सकता है। बहुत पतले वायुमंडल में दोनों हिस्सों के तापमान का अंतर काफी बढ़ जाएगा। इसलिए केवल रहने योग्य क्षेत्र में होने से g की जलवायु का पता नहीं चलता।
वायुमंडलीय संकेत की पुष्टि कैसे करते हैं?
NASA के जनवरी 2026 के सारांश के अनुसार Webb ने g का अवलोकन किया है, लेकिन उसका विश्लेषण अभी प्रकाशित नहीं हुआ है। TRAPPIST-1 की सतह के काले धब्बे और विस्फोट अलग-अलग तरंगदैर्ध्य पर ग्रह द्वारा रोकी गई तारों की रोशनी की मात्रा को बदला हुआ दिखा सकते हैं। ये बदलाव ग्रह के वायुमंडल जैसे लग सकते हैं। इसलिए यह देखना जरूरी है कि तारे की स्थिति बदलने पर भी उसी तरह के संकेत उन्हीं तरंगदैर्ध्यों पर दोहरते हैं या नहीं।
यदि वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड है, तो 4.3 माइक्रोमीटर के आसपास की रोशनी साफ तौर पर कम हो सकती है। यदि अलग-अलग तरंगदैर्ध्यों में लगभग कोई अंतर न मिले, तो बिना वायुमंडल वाले ग्रह, बहुत पतले वायुमंडल और ऊँचे बादलों से निचली परतें छिपाने वाले वायुमंडल की तुलना करनी होगी। ग्रह से निकलने वाली गर्मी को देखकर उसके रोशनी वाले और अँधेरे हिस्सों के तापमान का अंतर मापा जाए, तो यह अलग से जाँचा जा सकता है कि वायुमंडल गर्मी को एक ओर से दूसरी ओर पहुँचाता है या नहीं।
- तारों की रोशनी में कमी g ने जितनी रोशनी रोकी, उससे उसकी त्रिज्या निकाली गई।
- पारगमन समय में बदलाव सातों ग्रहों के आपसी खिंचाव से उसका द्रव्यमान निकाला गया।
- द्रव्यमान और त्रिज्या इन मानों से सतही गुरुत्वाकर्षण और पलायन वेग की गणना की गई।
- भविष्य के वायुमंडलीय अवलोकन यह जाँचना होगा कि अणुओं के संकेत दोहरते हैं या नहीं और दिन की गर्मी रात की ओर जाती है या नहीं।
TRAPPIST-1 g पृथ्वी से कितना मिलता-जुलता है?
g की त्रिज्या, द्रव्यमान और सतही गुरुत्वाकर्षण पृथ्वी के समान दायरे में हैं। यदि वहाँ उचित वायुमंडल और पर्याप्त ग्रीनहाउस गर्मी हो, तो उसकी कक्षा तरल पानी की संभावना दे सकती है। लेकिन अभी यह तय नहीं है कि वहाँ वायुमंडल है या नहीं, उसका दबाव और बनावट क्या है, कितना पानी है या सतह का तापमान कितना है। मौजूदा माप केवल यह दिखाते हैं कि g का विस्तार से अध्ययन करना उपयोगी है, यह नहीं कि उसका वातावरण पृथ्वी जैसा है।
इस पृष्ठ पर दिखाए गए समुद्र, बर्फ और बादल समझाने के लिए बनाई गई तस्वीर का हिस्सा हैं, अवलोकन से मिली वास्तविक तस्वीर नहीं। सतही गुरुत्वाकर्षण और पलायन वेग द्रव्यमान व त्रिज्या से निकाले गए हैं। किसी वायुमंडल, तरल पानी या जीवन की खोज नहीं हुई है।
स्रोत
- NASA Exoplanet Archive — TRAPPIST-1 g
- NASA Science — TRAPPIST-1 g सूची
- The Planetary Science Journal — द्रव्यमान, त्रिज्या, घनत्व और गति
- Nature Astronomy — Hubble से वायुमंडल की जाँच
- Astronomy & Astrophysics — जलवायु और वाष्पशील पदार्थों के मॉडल
- MNRAS Letters — TRAPPIST-1 के ग्रहों के रहने योग्य परिदृश्य
- NASA Science — TRAPPIST-1 प्रणाली पर Webb के नतीजे