प्रॉक्सिमा सेंटॉरी b कैसा ग्रह है?
प्रॉक्सिमा सेंटॉरी b एक पुष्ट ग्रह है। वह लगभग 11.18 दिन में अपने तारे की एक परिक्रमा पूरी करता है और तारे से उसकी औसत दूरी करीब 72.5 लाख किलोमीटर है। अवलोकनों से तय हो सकने वाला सबसे छोटा द्रव्यमान पृथ्वी का लगभग 1.06 गुना है। लेकिन इस ग्रह को अपने तारे के सामने से गुजरते हुए नहीं देखा गया है। इसलिए उसका आकार, घनत्व, वायुमंडल और सतह सीधे नहीं मापे गए हैं। पृथ्वी के समान द्रव्यमान और वासयोग्य क्षेत्र में होने भर से उसे पृथ्वी जैसा ग्रह नहीं माना जा सकता।
इस ग्रह की खोज किसी तस्वीर में या उसे तारकीय प्रकाश रोकते देखकर नहीं हुई। ग्रह का गुरुत्व प्रॉक्सिमा सेंटॉरी को बहुत थोड़ा आगे-पीछे खींचता है। तारा जब पृथ्वी की ओर आता या दूर जाता है, तो उसके प्रकाश में बहुत छोटा अंतर बनता है। यह बदलाव लगभग हर 11.18 दिन में दोहराया और दृश्य प्रकाश तथा निकट-अवरक्त अवलोकनों में भी यही अवधि मिली।
- लगभग 11.18 दिन प्रॉक्सिमा b को तारे की एक परिक्रमा में लगने वाला समय
- लगभग 72.5 लाख किमी तारे और ग्रह के बीच की औसत दूरी
- पृथ्वी का लगभग 1.06 गुना अवलोकनों से तय हो सकने वाला सबसे छोटा द्रव्यमान
- पृथ्वी का लगभग 64% पृथ्वी की तुलना में ग्रह को मिलने वाली तारकीय ऊर्जा
जो ग्रह दिखाई नहीं देता, उसका द्रव्यमान कैसे पता चलता है?
प्रॉक्सिमा b जब अपने तारे को खींचता है, तो तारा भी बहुत थोड़ा हिलता है। पृथ्वी से देखने पर तारे की एक दिशा में गति अधिकतम लगभग 1.23 मीटर प्रति सेकंड बदलती है। शोधकर्ता तारकीय प्रकाश के बेहद छोटे बदलाव से मापते हैं कि तारा पृथ्वी की ओर या उससे दूर कितनी तेजी से जा रहा है। इस दोहराते बदलाव का समय और आकार ग्रह की कक्षा और संभावित द्रव्यमान बताता है।
यह तरीका सीधे नहीं बताता कि ग्रह की कक्षा हमारी दृष्टि रेखा की तुलना में कितनी झुकी है, क्योंकि केवल पृथ्वी की ओर या उससे दूर होने वाली तारकीय गति मापी जाती है। इसलिए गणना से मिला द्रव्यमान वास्तविक द्रव्यमान होना जरूरी नहीं; वह सबसे छोटा संभव मान है। हमारे दृष्टिकोण से कक्षा बहुत झुकी हो, तो वास्तविक द्रव्यमान पृथ्वी के 1.06 गुने से अधिक हो सकता है।
तारे की सतह के काले धब्बे और चमकीले क्षेत्र भी उसके प्रकाश को बदलकर ग्रह जैसा संकेत बना सकते हैं। शोधकर्ताओं ने तारे की चमक, चुंबकीय गतिविधि और कई प्रकार की रोशनी में मापी गई गति की तुलना की। अलग-अलग उपकरणों में 11.18 दिन का संकेत दोहराने की पुष्टि के बाद प्रॉक्सिमा b को उम्मीदवार नहीं, पुष्ट ग्रह माना गया।
हमें इसके आकार और असली रूप का अब तक पता क्यों नहीं है?
कोई ग्रह तारे के सामने से गुजरता है, तो उसके द्वारा रोके गए तारकीय प्रकाश के अनुपात से ग्रह की त्रिज्या मापी जा सकती है। प्रॉक्सिमा b का ऐसा पारगमन पुष्ट नहीं हुआ है। त्रिज्या के बिना द्रव्यमान को आयतन से भाग देकर औसत घनत्व नहीं निकाला जा सकता। यह भी तय करना कठिन है कि ग्रह मुख्यतः चट्टानी है, उसमें बहुत पानी है या वह गैस की मोटी परत से घिरा है।
NASA सूची में दिया गया पृथ्वी की त्रिज्या का लगभग 1.02 गुना आकार सीधे मापा हुआ नहीं, बल्कि अनुमान है। यह समान द्रव्यमान वाले दूसरे बाह्यग्रहों के आकार पर आधारित है। इस पृष्ठ पर ग्रह का आकार और सतह का चित्र भी इसी अनुमान और कई संभावित संरचनाओं पर आधारित हैं। वे वास्तविक महासागर, बादल, महाद्वीप या रंग दिखाने वाली तस्वीरें नहीं हैं।
प्रॉक्सिमा b की परिक्रमा अवधि, कक्षीय दूरी, न्यूनतम द्रव्यमान और मिलने वाली ऊर्जा ज्ञात हैं। उसकी त्रिज्या, घनत्व, वायुमंडल और सतह अब तक मापे नहीं गए हैं।
वासयोग्य क्षेत्र में होने का क्या अर्थ है?
प्रॉक्सिमा b अपने तारे से पृथ्वी को सूर्य से मिलने वाली ऊर्जा का लगभग 64% पाता है। वह इतनी दूरी पर है जहां उचित मात्रा में गर्मी रोकने वाला वायुमंडल हो, तो सतह पर तरल पानी संभव हो सकता है। इस दूरी को वासयोग्य क्षेत्र कहते हैं, लेकिन इसमें होना वास्तविक पानी या वायुमंडल मिलने का प्रमाण नहीं है।
वायुमंडल न हो, तो ग्रह का तापमान इस पर बहुत निर्भर करेगा कि सतह कितना तारकीय प्रकाश लौटाती है और दिन तथा रात वाले हिस्से गर्मी कैसे छोड़ते हैं। वायुमंडल हो, तो गैसों के प्रकार और मात्रा, दबाव, बादल और हवाएं तापमान को फिर बदलेंगे। सूची में दिया लगभग 218 K, यानी करीब −55°C भी देखा गया सतही तापमान नहीं है। यह बिना वायुमंडल और गर्मी के एक तय तरीके से फैलने की धारणा पर निकाला गया तुलना का मान है।
ग्रह अपने तारे के बहुत पास है, इसलिए संभवतः हर कक्षा में एक बार घूमता है और एक ही हिस्सा हमेशा तारे की ओर रखता है। इसे समकालिक घूर्णन कहते हैं, लेकिन प्रॉक्सिमा b का घूर्णन सीधे नहीं मापा गया। समकालिक घूर्णन होने पर भी पर्याप्त वायुमंडल हवा के जरिए दिन वाले हिस्से की गर्मी रात वाले हिस्से तक ले जा सकता है। वायुमंडल न हो, तो दोनों हिस्सों के तापमान में बहुत बड़ा अंतर हो सकता है।
वासयोग्य क्षेत्र तारे से दूरी और ग्रह को मिलने वाले तारकीय प्रकाश की मात्रा से तय सीमा है। यह तरल पानी, ऑक्सीजन, जीवन या मनुष्यों के रहने लायक वातावरण की पुष्टि का चिह्न नहीं है।
शक्तिशाली फ्लेयर के बावजूद क्या इसका वायुमंडल बच सकता है?
प्रॉक्सिमा सेंटॉरी अक्सर ऐसे फ्लेयर पैदा करता है जिनमें तेज पराबैंगनी प्रकाश और एक्स-किरणें होती हैं। अधिक ऊर्जा वाली रोशनी वायुमंडलीय अणुओं को तोड़ सकती है और कुछ कणों को ग्रह के गुरुत्व से बचकर अंतरिक्ष में निकलने में मदद कर सकती है। प्रॉक्सिमा b अपने तारे के पास है, इसलिए वायुमंडल होने पर यह प्रक्रिया लंबे समय में बड़ा असर डाल सकती है।
2017 के NASA अध्ययन ने प्रॉक्सिमा b के वास्तविक वायुमंडल को नहीं देखा था। उसने पृथ्वी जैसे वायुमंडल, गुरुत्व और चुंबकीय क्षेत्र वाले एक काल्पनिक ग्रह को प्रॉक्सिमा b की कक्षा में रखकर मॉडल बनाया। ऊपरी वायुमंडल का तापमान और गैस के निकलने की आसानी बदलने पर एक पृथ्वी-वायुमंडल जितनी गैस खोने का समय लगभग 10 करोड़ से 2 अरब वर्ष तक बदल गया। यानी शुरुआती धारणाएं बदलने से नतीजा बहुत बदलता था।
हमें नहीं पता कि प्रॉक्सिमा b ने अधिक मोटे वायुमंडल के साथ शुरुआत की थी, उसके अंदर की गतिविधि गैसों को फिर भरती है या उसका चुंबकीय क्षेत्र है। यह प्रमाण भी नहीं है कि आज कोई वायुमंडल बचा है। इसलिए मौजूदा अवलोकन न तो “उसका वायुमंडल खत्म हो गया” और न ही “उसके पास पृथ्वी जैसा वायुमंडल है” की पुष्टि करते हैं।
- तारे का डगमगाव मापें आगे-पीछे की गति से परिक्रमा अवधि और सबसे छोटा संभव द्रव्यमान निकालें।
- ग्रह को मिलने वाला तारकीय प्रकाश निकालें तारे की चमक और कक्षीय दूरी से उसकी तुलना पृथ्वी से करें।
- तारे के सामने से पारगमन खोजें कोई पारगमन नहीं मिला, इसलिए इस तरीके से आकार, घनत्व और वायुमंडल सीधे नहीं मापे जा सकते।
- कई संभावित स्थितियों की गणना करें वायुमंडल, घूर्णन और चुंबकीय क्षेत्र की अलग धारणाओं में तापमान और वायुमंडलीय हानि की तुलना करें।
- दूसरे तरीकों से अवलोकन जारी रखें वायुमंडल खोजने के लिए ग्रह की रोशनी को तारकीय प्रकाश से अलग करें और वास्तविक द्रव्यमान सीमित करने के लिए तारे की स्थिति में बदलाव मापें।
प्रॉक्सिमा b को बेहतर समझने के लिए कौन-से नए अवलोकन करने होंगे?
प्रॉक्सिमा b तारे के सामने से नहीं गुजरता, इसलिए ग्रह के वायुमंडल से छनकर आए तारकीय प्रकाश को मापने का सामान्य तरीका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। ग्रह तारे से बहुत कम चमकीला है और आकाश में उसके ठीक पास दिखाई देता है। वायुमंडल की जांच के लिए बड़ी दूरबीन को जितना संभव हो उतना तारकीय प्रकाश रोकना होगा, ग्रह से आया प्रकाश अलग करना होगा और उसमें खास गैसों के छोड़े निशान खोजने होंगे।
आकाश में तारे की गति का सटीक माप ग्रह की कक्षा के झुकाव और वास्तविक द्रव्यमान की सीमा घटा सकता है। तारे की आगे-पीछे की गति के लंबे अवलोकन धब्बों और फ्लेयर से हुए बदलाव को ग्रह से हुए बदलाव से बेहतर अलग कर सकते हैं। प्रॉक्सिमा b इसलिए महत्वपूर्ण नहीं कि उसे पृथ्वी जैसा माना गया है। वह इसलिए महत्वपूर्ण है कि पास के तारे का यह छोटा ग्रह दिखाता है कि पुष्ट माप और अब भी मॉडलों पर निर्भर गुण कितने अलग हो सकते हैं।
स्रोत
- NASA Exoplanet Archive — Proxima Centauri b
- NASA Science — Proxima Centauri b
- ESO — Planet Found in Habitable Zone Around Nearest Star
- Astronomy & Astrophysics — ESPRESSO Analysis
- Astronomy & Astrophysics — Proxima Centauri with NIRPS
- NASA Science — An Earth-like Atmosphere May Not Survive Proxima b’s Orbit
- NASA Science — Neighboring Star’s Bad Behavior