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ग्रह

Kepler-90 g

Kepler-90 g का आयतन बहुत बड़ा, पर औसत घनता बेहद कम है—गहरी और हल्की गैसीय परत का संकेत। 210.7 दिन की कक्षा तीन मिनी-नेप्च्यून और बृहस्पति-जैसे h के बीच है, ठीक वहाँ जहाँ तंत्र का पैमाना अचानक बदलता है।

प्रतिनिधि रंग
#C3A06D
दृश्य सामग्री: Procedural color fallback derived from the Cosmos Banter catalog profile

केपलर-90 g के द्रव्यमान की दोबारा गणना कैसे की गई?

Kepler अंतरिक्ष दूरबीन ने Kepler-90 g के छह पारगमन दर्ज किए। पड़ोसी ग्रह h के गुरुत्व के कारण वास्तविक पारगमन, नियमित अवधि से निकले समय से अधिकतम लगभग 25 घंटे दूर हुआ। केवल छह पारगमनों से अगला समय और दोनों ग्रहों का द्रव्यमान ठीक-ठीक तय करना कठिन था। शोधकर्ताओं ने दस वर्षों में तारे की गति के 34 माप और अतिरिक्त पारगमन आँकड़े जोड़कर मई 2024 के पारगमन की भविष्यवाणी की। जमीन की दूरबीनों ने उसे अनुमानित समय पर देखा और 2025 के संयुक्त विश्लेषण में g का द्रव्यमान 15.0±1.3 पृथ्वी-द्रव्यमान निकला।

  • 6 पारगमन Kepler के मुख्य मिशन में दर्ज g के पारगमन
  • अधिकतम लगभग 25 घंटे नियमित अवधि से निकले और वास्तविक पारगमन समय का अंतर
  • 34 माप 2011~2022 में Keck/HIRES से मापी गई तारे की गति
  • 15.0±1.3 पृथ्वी-द्रव्यमान सभी समय और वेग आँकड़ों को साथ मिलाकर निकला g का द्रव्यमान

केवल पारगमन के समय से द्रव्यमान तय करना कठिन क्यों है?

यदि दूसरे पिंड का असर न हो, तो किसी ग्रह के पारगमन लगभग नियमित अंतराल पर दोहरते हैं। g लगभग हर 210.7 दिन में तारे की परिक्रमा करता है, लेकिन बाहरी ग्रह h की खींचतान उसे अनुमानित समय से पहले या बाद में पहुँचा देती है। पारगमन समय का यह बदलाव दोनों ग्रहों के आपसी गुरुत्व को दर्ज करता है और द्रव्यमान मापने में मदद करता है।

बड़ा समय बदलाव अपने आप एक ही द्रव्यमान तय नहीं करता। g के छह और h के तीन पारगमन लंबी अवधि के बदलाव का केवल एक हिस्सा दिखाते हैं। द्रव्यमान, कक्षा के आकार और दिशा के अलग-अलग मेल भी लगभग वही समय बना सकते हैं। 2020 के विश्लेषण में g का बहुत कम द्रव्यमान निकला था, लेकिन देखी गई अवधि से आगे जाते ही अगले पारगमन के संभव समयों का दायरा तेजी से बढ़ गया।

पारगमन समय का बड़ा बदलाव बताता है कि g और h एक-दूसरे को जोर से खींचते हैं। सटीक द्रव्यमान के लिए तारे की गति और कई साल बाद के नए पारगमन भी देखने पड़ते हैं।

तारे की गति से ग्रह का द्रव्यमान कैसे मापा जाता है?

पारगमन समय g और h की आपसी खींचतान दिखाता है। तारकीय प्रकाश के रंग में बहुत छोटा बदलाव मापने पर यह भी पता चलता है कि दोनों ग्रहों के गुरुत्व से केंद्रीय तारा हमारी ओर और हमसे दूर कितनी तेजी से चलता है। शोधकर्ताओं ने Keck वेधशाला के HIRES स्पेक्ट्रोग्राफ से 2011 से 2022 के बीच इस वेग को 34 बार मापा। Kepler-90 दूर है और कई ग्रह तारे को साथ खींचते हैं, इसलिए हर ग्रह का असर अलग करना कठिन है। फिर भी पारगमन समय के साथ इन मापों को जोड़ने पर संभव द्रव्यमान और कक्षाओं का दायरा घटता है।

विश्लेषण में Kepler के बाद Spitzer और Swift से मिले अतिरिक्त पारगमन समय भी शामिल किए गए। इन सभी आँकड़ों से g और h के भविष्य के पारगमन पहले ही निकाले गए थे। इसलिए 2024 का समय बाद में नतीजे के अनुसार नहीं बदला गया; वह पुराने आँकड़ों से की गई भविष्यवाणी थी, जिसकी वास्तविक अवलोकन ने पुष्टि की।

  1. 2009~2013 Kepler ने g के छह और h के तीन पारगमन दर्ज किए।
  2. 2011~2022 HIRES ने केंद्रीय तारे का दृष्टि-रेखा वेग 34 बार मापा।
  3. भविष्यवाणी पारगमन समय और दृष्टि-रेखा वेग के संयुक्त मॉडल ने मई 2024 में g का पारगमन बताया।
  4. मई 2024 कई जमीन-आधारित दूरबीनों ने अनुमानित समय पर g का पारगमन देखा।
  5. 2025 नए पारगमन और बाकी आँकड़ों से g का द्रव्यमान 15.0±1.3 और h का 203±16 पृथ्वी-द्रव्यमान निकला।

दस साल बाद मिला नया पारगमन इतना महत्वपूर्ण क्यों था?

द्रव्यमान केवल 2024 के पारगमन से नहीं मापा गया। यह अवलोकन Kepler के अंतिम पारगमन से दस साल से अधिक दूर था। कक्षीय अवधि की छोटी त्रुटि भी लगभग 20 चक्करों में जमा होकर अनुमानित समय को काफी बदल देती है। वास्तविक पारगमन का समय मिलने पर गलत कक्षा-विकल्प हटाए जा सकते हैं और जमा हुई समय-अनिश्चितता बहुत घट जाती है।

अंतिम द्रव्यमान Kepler की तारकीय चमक, अतिरिक्त पारगमन समय, दस वर्षों में मापी तारे की गति और 2024 के जमीनी अवलोकन को मिलाकर निकला। शोधकर्ताओं ने बहुत से द्रव्यमान और कक्षा संयोजनों की सांख्यिकीय तुलना कर वह दायरा चुना जो सभी आँकड़ों को सबसे अच्छी तरह समझाता है।

2024 के एक पारगमन ने g का द्रव्यमान सीधे नहीं मापा। उसने दस साल से अधिक का समय-अंतर जोड़ा; द्रव्यमान g और h के पारगमन समय बदलाव तथा केंद्रीय तारे की गति को मिलाने वाली गणना से निकला।

केपलर-90 g शनि और वरुण से किस तरह अलग है?

g की त्रिज्या पृथ्वी की लगभग 8.1±0.8 गुनी, यानी शनि की त्रिज्या का करीब 86% है। उसका द्रव्यमान 15 पृथ्वी-द्रव्यमान है, जो वरुण से थोड़ा कम है। दोनों मानों से निकला औसत घनत्व लगभग 0.15 g/cm³ है—पानी के घनत्व का करीब 15% और शनि का लगभग एक चौथाई।

त्रिज्या के मुकाबले बहुत कम द्रव्यमान वाले ऐसे ग्रह को “सुपर-पफ” कहते हैं। g में फैला हुआ हल्का हाइड्रोजन-हीलियम वायुमंडल होने की संभावना है, लेकिन तत्वों का सही अनुपात, बादल और धुंध मापे नहीं गए हैं। ऊँचाई पर धूल या धुंध तारकीय प्रकाश रोककर ग्रह की पारगमन त्रिज्या को वास्तविक गैसीय परत से बड़ा भी दिखा सकती है।

अगले पारगमन का सटीक समय जानना क्यों जरूरी है?

लंबी कक्षीय अवधि वाले ग्रह कम बार तारे के सामने आते हैं। अनुमानित समय कुछ घंटे भी गलत हो, तो अंतरिक्ष दूरबीन पारगमन चूक सकती है। 2024 के अवलोकन ने अगले पारगमन समय की अनिश्चितता घटाई, इसलिए g के वायुमंडल को देखने की तारीख अधिक सटीकता से तय की जा सकती है।

पारगमन के दौरान वायुमंडल से गुजरा तारकीय प्रकाश यह जाँच सकता है कि कम घनत्व का कारण फैला हुआ हाइड्रोजन-हीलियम वायुमंडल है या ऊँचाई की धुंध ग्रह को बड़ा दिखाती है। अभी g का आकार, द्रव्यमान और औसत घनत्व ही निश्चित हैं। पृष्ठ के रंग और बादल अवलोकन की तस्वीर नहीं हैं, और “सुपर-पफ” का नाम वायुमंडलीय संरचना की सीधी पुष्टि नहीं है।

स्रोत

मापे गए मान

भौतिक विशेषताएँ

व्यास
≈ 98,452.4 kmगणना से प्राप्त
औसत त्रिज्या
49,226.2 kmमॉडल से अनुमानित मान
द्रव्यमान
8.958E25 kgमॉडल से अनुमानित मान
औसत घनत्व
272.128 kg/m³मॉडल से अनुमानित मान
सतही गुरुत्व
≈ 2.467 m/s²गणना से प्राप्त
पलायन वेग
≈ 15.6 km/sगणना से प्राप्त
नाक्षत्र घूर्णन काल
NaNअज्ञात
परिक्रमण काल
210.735 dमॉडल से अनुमानित मान
औसत तापमान
≈ 342 K (68.9°C)मॉडल से अनुमानित मान
सतही दाब
NaNअज्ञात
कक्षा का अर्ध-दीर्घ अक्ष
10,72,67,657.2 kmमॉडल से अनुमानित मान
कक्षीय विकेन्द्रता
0.029 ratioमॉडल से अनुमानित मान
अक्षीय झुकाव
NaNअज्ञात
सहज तुलना

संख्याओं को महसूस करें

पृथ्वी के आयतन में · गणना किया गया
461.28
यह औसत त्रिज्या को गोला मानकर की गई शैक्षिक गणना है।
70 kg के व्यक्ति पर लगने वाला गुरुत्व · गणना किया गया
पृथ्वी का लगभग 0.25 गुना
पृथ्वी पर 70 kg वाले व्यक्ति को इस खगोलीय पिंड की संदर्भ सतह पर अपना भार लगभग 17.61 kg जैसा महसूस होगा।
Kepler-90 से Kepler-90 g तक प्रकाश के पहुँचने का समय · गणना किया गया
5.96 min
दोनों पिंड अपनी कक्षाओं में चलते हैं, इसलिए उनके बीच की वास्तविक दूरी बदलती रहती है। यह समय Kepler-90 से Kepler-90 g की औसत दूरी से निकाला गया है।
पदार्थ

संरचना के घटक

संरचना के घटकों की कोई समीक्षित जानकारी उपलब्ध नहीं है।

संबंध

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  • Kepler-90 · परिक्रमा करता है