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ग्रह

Kepler-90 c

Kepler-90 c पृथ्वी से लगभग 19% चौड़ा है और b के ठीक बाहर घूमता है। पास लेकिन स्थिर दोनों कक्षाएँ ऐसा भीतरी जोड़ा बनाती हैं जो हमारे सौर मंडल में नहीं है, जहाँ बुध के भीतर कोई सुपर-अर्थ नहीं घूमती।

प्रतिनिधि रंग
#B4A690
दृश्य सामग्री: Procedural color fallback derived from the Cosmos Banter catalog profile

क्या केपलर-90 b और c 5:4 अनुनाद में हैं?

केपलर-90 c हर 8.7198 दिन में तारे की एक परिक्रमा करता है और उससे ठीक अंदर वाला b लगभग हर 7.008 दिन में। c की चार परिक्रमाओं के दौरान b लगभग 4.977 परिक्रमाएँ करता है, इसलिए दोनों की कक्षीय अवधियों का अनुपात 5:4 के करीब है। लेकिन केवल पास के अनुपात से यह तय नहीं होता कि दोनों ग्रह अनुनाद में हैं। अनुनाद में दोनों ग्रह अपने पारस्परिक गुरुत्व के कारण एक निश्चित स्थिति संबंध बार-बार बनाए रखते हैं।

  • लगभग 8.7198 दिन बार-बार होने वाले ट्रांज़िट से मापी गई c की कक्षीय अवधि
  • लगभग 4.977 परिक्रमाएँ c की चार परिक्रमाओं के दौरान b की परिक्रमाएँ
  • पृथ्वी की त्रिज्या का लगभग 1.19 गुना ट्रांज़िट की गहराई और तारे के आकार से निकली c की त्रिज्या
  • पृथ्वी को मिलने वाली ऊर्जा का लगभग 236 गुना c को मिलने वाली तारकीय ऊर्जा की गणना

उनकी परिक्रमा अवधियाँ 5:4 के करीब हैं, लेकिन ठीक मेल नहीं खातीं

c की चार परिक्रमाओं में लगभग 34.88 दिन लगते हैं। इस दौरान b ठीक पाँच नहीं, लगभग 4.977 परिक्रमाएँ करता है। 0.023 परिक्रमा की कमी कक्षा पर करीब 8 डिग्री के बराबर है। एक बार में अंतर छोटा है, लेकिन दोहराने पर दोनों ग्रहों के मिलने का स्थान धीरे-धीरे बदलता है। इसलिए अवधि का अनुपात 1.244 और 1.25 के करीब होना अकेले यह नहीं बताता कि वही स्थिति संबंध लगातार दोहरता है।

दोनों ग्रह लगभग हर 35.7 दिन में तारे के सापेक्ष एक ही दिशा में आते हैं, लेकिन मिलने का स्थान थोड़ा खिसकता है। गणना के अनुसार 5:4 अनुपात से जुड़ा यह अंतर करीब 378 दिन की समय-सीमा पर दोहरता है। यदि यह बदलाव वास्तविक ट्रांज़िट समय में दिखे, तो दोनों ग्रहों के पारस्परिक प्रभाव का अनुमान लगाया जा सकता है। फिर भी केवल 378 दिन के इस गणना-मान से अनुनाद की पुष्टि नहीं होती।

कक्षीय अवधियों का अनुपात 5:4 के करीब होना अनुनाद की संभावना का संकेत है। पुष्टि के लिए यह भी देखना होगा कि दोनों ग्रहों की स्थिति का संबंध एक सीमित दायरे में दोहरता है या नहीं।

यह देखना होगा कि दोनों ग्रहों की आपसी स्थिति दोबारा उसी तरह बनती है या नहीं

अनुनाद में केवल परिक्रमाओं की गिनती ही संबंधित नहीं होती; दोनों ग्रह जिस स्थान पर मिलते हैं वह भी सीमित दायरे में दोहरता है। खगोलविद दोनों ग्रहों की मौजूदा स्थिति और उनकी दीर्घवृत्तीय कक्षाओं में तारे के सबसे पास वाले दिशाबिंदु को मिलाकर एक अनुनाद कोण निकालते हैं। यह कोण सीमित दायरे में आगे-पीछे झूले, तो अनुनाद बने रहने का प्रमाण मिलता है। यदि वह सभी दिशाओं से गुजरता रहे, तो अवधियाँ पास होने पर भी पूर्ण अनुनाद नहीं माना जाता। इसके लिए दोनों ग्रहों के द्रव्यमान, कक्षीय विकेन्द्रता और शुरुआती स्थितियाँ जाननी होती हैं।

केपलर-90 b और c के द्रव्यमान तथा कक्षाओं के आकार अभी सटीक रूप से नहीं मापे गए हैं। 2024 के अध्ययन में शोधकर्ताओं ने संभावित मान बदलकर दोनों ग्रहों की गति की गणना की। लगभग गोल कक्षाओं वाले कुछ मॉडल में 5:4 अनुनाद दिखा, लेकिन दूसरे मॉडल में अनुनाद कोण घूमता रहा या केवल थोड़ी देर सीमित दायरे में रहा। कक्षा को थोड़ा अधिक दीर्घवृत्तीय मानने पर पूर्ण 5:4 अनुनाद कायम नहीं रहा। इसलिए अभी केवल इतना कहा जा सकता है कि दोनों अवधियाँ 5:4 के करीब हैं और उन पर अनुनाद का असर हो सकता है।

  1. बार-बार ट्रांज़िट b और c की कक्षीय अवधियाँ अलग-अलग मापी जाती हैं।
  2. अवधि अनुपात की गणना c की चार परिक्रमाओं में b की लगभग 4.977 परिक्रमाएँ गिनी जाती हैं।
  3. कक्षा की गणना द्रव्यमान, कक्षीय आकार और दिशा बदलकर देखा जाता है कि अनुनाद कोण सीमित दायरे में रहता है या नहीं।
  4. अतिरिक्त अवलोकन ट्रांज़िट समय और तारे की गति मापकर दोनों ग्रहों के द्रव्यमान और कक्षाएँ अधिक सटीक की जाती हैं।

c की त्रिज्या ज्ञात है, लेकिन उसका द्रव्यमान और आंतरिक संरचना अभी अज्ञात हैं

c की त्रिज्या पृथ्वी की लगभग 1.19 गुना है, जो b की लगभग 1.31 गुना त्रिज्या से थोड़ी छोटी है। लेकिन ग्रह जितनी तारकीय रोशनी रोकता है उससे लोहा-चट्टान का अनुपात या वायुमंडल की मात्रा नहीं मिलती। समान आकार के ग्रहों की सामग्री अलग हो, तो उनके द्रव्यमान भी अलग हो सकते हैं। सूची में दिया लगभग 1.81 पृथ्वी-द्रव्यमान भी c के गुरुत्व का सीधा मापन नहीं, बल्कि समान आकार वाले ग्रहों के द्रव्यमान-वितरण पर आधारित अनुमान है।

इसलिए अनुमानित द्रव्यमान से निकला घनत्व अकेले c को चट्टानी ग्रह साबित नहीं करता। b और c के वास्तविक द्रव्यमान एक ही स्वतंत्र विधि से मापने होंगे। तभी बेहतर पता चलेगा कि क्या दोनों ग्रह साथ खिसककर मौजूदा अवधि अनुपात तक पहुँचे और वे एक-दूसरे की कक्षा को कितना प्रभावित करते हैं।

केवल तेज तारकीय रोशनी से वास्तविक सतही वातावरण का पता नहीं चलता

c अपने तारे से लगभग 0.089 AU, यानी करीब 1 करोड़ 33 लाख किमी दूर है। गणना के अनुसार उसे पृथ्वी से लगभग 236 गुना तारकीय ऊर्जा मिलती है। तारकीय रोशनी के परावर्तन और गर्मी के वितरण को सरल मानने पर तापमान लगभग 987 K, यानी करीब 714 डिग्री सेल्सियस निकलता है। ग्रह को बहुत तीव्र गर्मी मिलती है, लेकिन यह तापमान वास्तविक सतह पर मापा नहीं गया है।

वायुमंडल हो, तो वह दिन वाले हिस्से की गर्मी रात वाले हिस्से तक पहुँचा सकता है या कुछ तरंगदैर्घ्यों की ऊर्जा रोक सकता है। चमकीले बादल या सतह आने वाली रोशनी अधिक परावर्तित कर सकते हैं। मौजूदा ट्रांज़िट आँकड़ों से c का वायुमंडल, सतह या अंदर की सामग्री पता नहीं चलती। कक्षीय अवधियों का सटीक अनुपात जानना और ग्रह का वातावरण जानना अलग बातें हैं।

पृष्ठ पर दिखाया ग्रह अवलोकन से मिली तस्वीर नहीं, बल्कि समझाने के लिए बनाया गया चित्र है। 8.7198 दिन की कक्षीय अवधि और पृथ्वी की लगभग 1.19 गुना त्रिज्या ट्रांज़िट अवलोकनों पर आधारित हैं। लगभग 1.81 पृथ्वी-द्रव्यमान दूसरे ग्रहों से तुलना पर आधारित अनुमान है, जबकि करीब 714 डिग्री सेल्सियस सरल धारणाओं से निकला तापमान है। 5:4 अनुनाद की पुष्टि भी अभी नहीं हुई है।

स्रोत

मापे गए मान

भौतिक विशेषताएँ

व्यास
≈ 15,179.9 kmगणना से प्राप्त
औसत त्रिज्या
7,589.9 kmमॉडल से अनुमानित मान
द्रव्यमान
≈ 1.081E25 kgमॉडल से अनुमानित मान
औसत घनत्व
≈ 5,900 kg/m³मॉडल से अनुमानित मान
सतही गुरुत्व
≈ 12.524 m/s²गणना से प्राप्त
पलायन वेग
≈ 13.8 km/sगणना से प्राप्त
नाक्षत्र घूर्णन काल
NaNअज्ञात
परिक्रमण काल
8.719 dमॉडल से अनुमानित मान
औसत तापमान
≈ 987 K (713.9°C)मॉडल से अनुमानित मान
सतही दाब
NaNअज्ञात
कक्षा का अर्ध-दीर्घ अक्ष
1,33,14,210.5 kmमॉडल से अनुमानित मान
कक्षीय विकेन्द्रता
≈ 0 ratioमॉडल से अनुमानित मान
अक्षीय झुकाव
NaNअज्ञात
सहज तुलना

संख्याओं को महसूस करें

पृथ्वी के आयतन में · गणना किया गया
1.69
यह औसत त्रिज्या को गोला मानकर की गई शैक्षिक गणना है।
70 kg के व्यक्ति पर लगने वाला गुरुत्व · गणना किया गया
पृथ्वी का लगभग 1.28 गुना
पृथ्वी पर 70 kg वाले व्यक्ति को इस खगोलीय पिंड की संदर्भ सतह पर अपना भार लगभग 89.4 kg जैसा महसूस होगा।
Kepler-90 से Kepler-90 c तक प्रकाश के पहुँचने का समय · गणना किया गया
44.41 s
दोनों पिंड अपनी कक्षाओं में चलते हैं, इसलिए उनके बीच की वास्तविक दूरी बदलती रहती है। यह समय Kepler-90 से Kepler-90 c की औसत दूरी से निकाला गया है।
पदार्थ

संरचना के घटक

संरचना के घटकों की कोई समीक्षित जानकारी उपलब्ध नहीं है।

संबंध

संबंधित अंतरिक्ष पिंड

  • Kepler-90 · परिक्रमा करता है