जो नीला बौना अभी अस्तित्व में नहीं है, उसका अनुमान कैसे लगाया जाता है?
इस पृष्ठ का नीला बौना कोई गर्म O- या B-वर्ग का मुख्य अनुक्रम तारा नहीं है। यह एक सैद्धांतिक विकास अवस्था है, जिस तक बहुत कम द्रव्यमान वाला लाल बौना खरबों वर्ष बाद पहुँच सकता है। ऐसे किसी लाल बौने ने अभी अपनी वह आयु पूरी नहीं की है, जो वर्तमान ब्रह्मांडीय आयु से कहीं लंबी है। इसलिए खगोलविदों ने इस प्रकार के नीले बौने को कभी नहीं देखा; वे तारकीय संरचना समीकरणों और कंप्यूटर मॉडलों से उसके भविष्य के तापमान और चमक में बदलाव का अनुमान लगाते हैं।
- प्रेक्षण स्थिति एक सैद्धांतिक अवस्था जिसका वर्तमान ब्रह्मांड में कोई उदाहरण नहीं मिला
- आरंभिक अवस्था बहुत कम द्रव्यमान वाला लाल बौना अत्यंत लंबे समय तक हाइड्रोजन खर्च करता है।
- बदलाव मॉडलों में उसकी सतह अधिक गर्म और नीली होती है, लेकिन वह अधिक द्रव्यमान वाला तारा नहीं बनता।
- अंत कुछ मॉडल अनुमान लगाते हैं कि वह विशाल लाल दानव अवस्था से गुजरे बिना हीलियम श्वेत बौना बन जाएगा।
लाल बौना भविष्य में अधिक गर्म क्यों होगा?
बहुत कम द्रव्यमान वाले लाल बौने के भीतर संवहन एक विस्तृत क्षेत्र को मिला सकता है। अत्यंत लंबे समय में हाइड्रोजन के हीलियम में बदलने से तारे की औसत रासायनिक संरचना और आंतरिक बनावट बदलती है। मॉडल ऐसा विकास-पथ दिखाते हैं जिसमें बचा हुआ ईंधन जलते समय चमक और प्रभावी तापमान बढ़ते हैं। अधिक तापमान वर्णक्रम को छोटी तरंगदैर्घ्य की ओर खिसकाता है, जिससे “नीला” नाम मिलता है। तारे का द्रव्यमान नहीं बढ़ता और वह गर्म, अधिक द्रव्यमान वाला तारा नहीं बनता।
नीले बौने का नीला रंग किसी प्रेक्षण-चित्र का रंग नहीं, बल्कि कम द्रव्यमान वाले तारे के भविष्य मॉडल में तापमान बढ़ने का संकेत है।
वह लाल दानव क्यों न बने?
सूर्य जैसा तारा केंद्र का हाइड्रोजन समाप्त होने पर अपने केंद्र और बाहरी परतों की संरचना में बड़ा अंतर विकसित करता है और लाल दानव बनकर फैलता है। बहुत कम द्रव्यमान वाला तारा संवहन से ईंधन को अधिक बड़े क्षेत्र में मिला सकता है और सूर्य जैसी विशाल फैलाव अवस्था के बिना दूसरा विकास-पथ अपना सकता है। 0.10 सौर द्रव्यमान वाले तारे के एक प्रतिनिधि मॉडल में, तारा अधिक गर्म नीला बौना चरण पार कर मुख्यतः हीलियम वाले श्वेत बौने की ओर बढ़ता है। यह परिणाम एक विशेष द्रव्यमान और भौतिक मान्यताओं पर आधारित है, इसलिए इसे हर लाल बौने पर ज्यों का त्यों लागू नहीं किया जा सकता।
मॉडल भविष्य की कौन-सी क्रमबद्ध अवस्थाएँ दिखाते हैं?
- लंबी लाल बौना अवस्था तारा हाइड्रोजन का बहुत धीमा संलयन करते हुए खरबों वर्ष मुख्य अनुक्रम पर रहता है।
- नीला बौना अवस्था आंतरिक संरचना बदलने पर वह अधिक गर्म और चमकीला होगा, ऐसा गणना से मिलता है।
- संलयन का अंत उपयोग योग्य हाइड्रोजन घटने पर ऊर्जा उत्पादन रुक जाता है।
- श्वेत बौना अवशेष मॉडल के अनुसार वह हीलियम-समृद्ध छोटे अवशेष के रूप में ठंडा होता है।
हर अवस्था का सही समय और पथ द्रव्यमान, रासायनिक संरचना तथा संवहन और पदार्थ-परिवहन की गणना पर निर्भर कर सकता है। फिर भी, वर्तमान ब्रह्मांड में इसके बनने के लिए पर्याप्त समय न होने का निष्कर्ष कम द्रव्यमान वाले तारों की लंबी आयु और ब्रह्मांड की आयु के विशाल अंतर से निकलता है।
यह गर्म “नीले मुख्य अनुक्रम बौने” से कैसे अलग है?
प्रभा वर्ग V वाले O- और B-वर्ग के मुख्य अनुक्रम तारों को तकनीकी रूप से नीला बौना कहा जा सकता है। वे अधिक द्रव्यमान वाले, बहुत चमकीले, अल्पायु और आज प्रत्यक्ष रूप से देखे जाने वाले तारे हैं। इसके विपरीत, यहाँ का नीला बौना छोटे और दीर्घायु लाल बौने का भविष्य है। दोनों को मिलाने से “नीले बौने पहले ही मिल चुके हैं” या “लाल बौना अधिक द्रव्यमान वाला तारा बन जाता है” जैसी गलतफहमियाँ होती हैं। पहले देखें कि संदर्भ “कम द्रव्यमान वाले लाल बौने के दूर भविष्य” का है या नहीं।
“नहीं देखा गया” का अर्थ “बिना आधार” नहीं है। यह भौतिक मॉडलों की भविष्यवाणी है, जिसे सीधे जाँचने जितना ब्रह्मांडीय समय अभी बीता ही नहीं है।
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