एक छोटा लाल बौना खरबों वर्ष तक कैसे चमक सकता है?
लाल बौना सूर्य से छोटा और ठंडा K- या M-वर्ग का मुख्य अनुक्रम तारा है। कम द्रव्यमान के कारण वह अपने केंद्र का हाइड्रोजन बहुत धीमी गति से खर्च करता है। सबसे हल्के तारों में अंदर का पदार्थ एक बड़े क्षेत्र में मिलता है, जिससे ईंधन का कुशल उपयोग होता है। इसलिए कुछ कम द्रव्यमान वाले लाल बौनों की आयु खरबों वर्ष होने का अनुमान है। लेकिन ब्रह्मांड की आयु केवल लगभग 13.8 अरब वर्ष है, इसलिए किसी दूरबीन ने अभी ऐसे तारे को वास्तव में अपना जीवन समाप्त करते नहीं देखा।
- पहचान केंद्र में हाइड्रोजन को हीलियम में बदलने वाला छोटा मुख्य अनुक्रम तारा
- आयु द्रव्यमान जितना कम, ईंधन उतनी धीमी गति से खर्च होता है और तारा सूर्य से कहीं अधिक समय चमकता है।
- संख्या यह सबसे सामान्य तारकीय समूह है और आकाशगंगा के तारों का बड़ा भाग बनाता है।
- सावधानी छोटा और मंद होने का अर्थ कमजोर चुंबकीय गतिविधि नहीं है।
कम द्रव्यमान लंबी आयु क्यों देता है?
तारे का द्रव्यमान जितना अधिक हो, उसके केंद्र का तापमान और दबाव उतने अधिक और संलयन उतना तेज होता है। लाल बौने इसके दूसरे छोर पर हैं: उनकी चमक कम है, लेकिन ईंधन धीरे खर्च होता है। बहुत कम द्रव्यमान वाले M-वर्ग तारों में संवहन अंदर के बड़े हिस्से को मिलाता है और केंद्र से बाहर का हाइड्रोजन भी संलयन में भाग लेता है। फिर भी सभी लाल बौने पूरी तरह संवहनीय नहीं होते। हाल के अध्ययन लगभग 0.35 सौर द्रव्यमान के आसपास आंशिक और पूर्ण संवहन संरचना के बदलाव का क्षेत्र मानते हैं; सही सीमा तारे के गुण और मॉडल के साथ बदल सकती है।
लाल बौने का लंबा जीवन बहुत अधिक ईंधन से नहीं, बल्कि थोड़े ईंधन को धीमी और कुशल गति से उपयोग करने से संभव होता है।
इतना मंद तारा शक्तिशाली ज्वालाएँ कैसे पैदा करता है?
तारे की कुल चमक और उसके चुंबकीय विस्फोटों की तीव्रता एक ही माप नहीं हैं। लाल बौने—विशेषकर युवा और तेज घूमने वाले M-वर्ग तारे—मजबूत चुंबकीय क्षेत्र और बड़ी ज्वालाएँ बना सकते हैं। थोड़े समय में पराबैंगनी और एक्स-किरण विकिरण बहुत बढ़ सकता है और कभी-कभी पदार्थ भी बाहर निकलता है। लाल बौने का रहने योग्य क्षेत्र तारे के पास होता है, इसलिए वहाँ के ग्रह इस अंतरिक्ष मौसम का अक्सर सामना कर सकते हैं। इससे तुरंत यह सिद्ध नहीं होता कि जीवन असंभव है। ग्रह का चुंबकीय क्षेत्र, वायुमंडल की मोटाई और ज्वालाओं की आवृत्ति तथा तारे की आयु—सभी परिणाम बदलते हैं।
क्या लाल बौने के आसपास का ग्रह रहने योग्य हो सकता है?
रहने योग्य क्षेत्र केवल वह दूरी-सीमा है जहाँ सतह पर तरल पानी हो सकता है; यह जीवन मौजूद होने की गारंटी नहीं है। पास की कक्षा में ज्वारीय बंधन भी संभव है, जिसमें ग्रह का एक ही भाग हमेशा तारे की ओर रहता है। वायुमंडलीय परिसंचरण ऊष्मा बाँट सकता है या नहीं, तीव्र विकिरण वायुमंडल को काटता है या नहीं, और पानी टिकता है या नहीं—यह तारे और ग्रह को साथ देखकर ही समझा जा सकता है। लाल बौने बहुत हैं और लंबे समय तक जीते हैं, इसलिए खोज के लक्ष्य भी बहुत हैं, पर उन्हें “सबसे रहने योग्य तारे” कहने का आधार अभी नहीं है।
बहुत दूर भविष्य में वह कैसा दिख सकता है?
- आज वह केंद्र में हाइड्रोजन का धीमा संलयन करके मुख्य अनुक्रम तारे के रूप में चमकता है।
- खरबों वर्ष बाद ईंधन घटने पर बहुत कम द्रव्यमान वाला तारा अधिक गर्म और चमकीले सैद्धांतिक नीले बौने की अवस्था में जा सकता है।
- उसके बाद कुछ मॉडल विशाल लाल दानव अवस्था के बिना हीलियम-समृद्ध श्वेत बौना अवशेष छोड़ते हैं।
यह क्रम तारकीय विकास की कंप्यूटर गणनाओं से आता है। वर्तमान ब्रह्मांड इतना पुराना नहीं है कि पहली अवस्था से आगे कुछ दिखा सके। इसलिए लाल बौनों के वर्तमान गुण प्रेक्षण तथ्य हैं, जबकि नीले बौने की ओर उनका अंतिम विकास भौतिक नियमों पर आधारित भविष्यवाणी के रूप में अलग पहचाना जाना चाहिए।
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